गुरुवार, 29 अक्तूबर 2015

राम दूत मैं मातु जानकी , सत्य शपथ करुणानिधान की

वो वोट डालने आया था ,

बंदर को मोदी भाया था। 

लालू को (बहुत )भौत खिजाया था ,

नीतीश को भी भरमाया था। 

बन पुत्र अंजना आया था ,

संग भीम देव को लाया था। 

बंदर दिल्ली से आया था ,

पीऍमओ ने भिजवाया था। 

उद्देश्य :बंदर ये देखने आया था ,कहीं बूथ कैप्चरिंग तो नहीं ,वोट तो नहीं छापे जा रहे।शौरी को ये बतलाने आया था उतना शिथिल नहीं हुआ है पीएमओ जितना आप समझे बैठे थे।  

1 टिप्पणी:

राजेंद्र कुमार ने कहा…

आपकी यह उत्कृष्ट प्रस्तुति कल शुक्रवार (30.10.2015) को "आलस्य और सफलता "(चर्चा अंक-2145) पर लिंक की गयी है, कृपया पधारें और अपने विचारों से अवगत करायें, चर्चा मंच पर आपका स्वागत है।
हार्दिक शुभकामनाओं के साथ, सादर...!